उत्तराखंडदेहरादून

त्रियुगीनारायणः वेडिंग डेस्टिनेशन बना, सुविधाएँ नदारद

जनपद रुद्रप्रयाग के सीमांत गांव त्रियुगीनारायण स्थित यह ऐतिहासिक मंदिर न केवल उत्तराखंड, बल्कि देशदृविदेश के नवयुगलों की पहली पसंद बनता जा रहा है।

अंधेरे में भी हुई शादियाँ,,सड़क और शौचालय को लेकर आक्रोश
देहरादून।  देश-विदेश में वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में प्रसिद्ध पौराणिक शिवदृपार्वती विवाह स्थल त्रियुगीनारायण आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। लंबे समय से ग्रामीण और तीर्थपुरोहित शासनदृप्रशासन के समक्ष समस्याएँ रख रहे हैं, लेकिन समाधान अब तक धरातल पर नहीं उतर सका है।
जनपद रुद्रप्रयाग के सीमांत गांव त्रियुगीनारायण स्थित यह ऐतिहासिक मंदिर न केवल उत्तराखंड, बल्कि देशदृविदेश के नवयुगलों की पहली पसंद बनता जा रहा है। शुभ मुहूर्तों पर बड़ी संख्या में जोड़े यहाँ विवाह बंधन में बंधते हैं। बीते पांच वर्षों में राजनेताओं, फिल्मी हस्तियों, खिलाड़ियों और वरिष्ठ अधिकारियों सहित सैकड़ों जोड़ों ने भगवान त्रियुगीनारायण के चरणों में विवाह संस्कार संपन्न कर आशीर्वाद लिया है। गत वर्ष ही करीब 300 से अधिक विवाह इस पवित्र स्थल पर संपन्न हुए।
मंदिर में जल रही अखंड अग्नि के सात फेरे लेकर नवयुगल भगवान शिवदृपार्वती के समान सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हैं। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, अभिनेत्री कविता कौशिक (चंद्रमुखी चौटाला फेम) और भजन गायक हंसराज रघुवंशी भी इस पावन स्थल पर आशीर्वाद लेने पहुंच चुके हैं। इतनी ख्याति के बावजूद मंदिर और आसपास बुनियादी सुविधाओं का गंभीर अभाव बना हुआ है। हाल ही में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह न होने के कारण अंधेरे में भी विवाह संपन्न कराए गए। तीर्थपुरोहितों का कहना है कि शौचालय, पेयजल, सड़क, प्रकाश व्यवस्था और वर्षभर सफाई कर्मियों की तैनाती जैसी मूलभूत सुविधाएँ आज भी अधूरी हैं।
तीर्थपुरोहित समिति के अध्यक्ष सच्चिदानंद पंचपुरी ने बताया कि त्रियुगीनारायण मंदिर श्री बदरीनाथदृकेदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अंतर्गत आता है, इसलिए मंदिर परिसर व प्रांगण में व्यवस्थाएँ सुदृढ़ करना बीकेटीसी की जिम्मेदारी है। बावजूद इसके बार-बार अवगत कराने पर भी सुधार नहीं हुआ। व्यापार संघ अध्यक्ष महेंद्र सेमवाल ने बताया कि सोनप्रयागदृत्रियुगीनारायण मोटर मार्ग के सुधारीकरण का कार्य कागजों तक सीमित रह गया है। सड़क की स्थिति आज भी जस की तस है, जिससे ग्रामीणों और तीर्थयात्रियों में रोष है। बाजार क्षेत्र में शौचालयों का अभाव यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। जिला पंचायत द्वारा बनाया गया छोटा शौचालय समय के साथ विस्तारित नहीं किया गया। इसके साथ ही मंदिर और बाजार क्षेत्र में सोलर लाइटों की भी भारी कमी है।

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जिम्मेदारों के जवाब,
सड़क की स्थिति को लेकर संबंधित विभाग के अधिशासी अभियंता से संपर्क किया गया तो उन्होंने संतोषजनक जवाब देने के बजाय फोन काट दिया। वहीं अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत संजय कुमार ने बताया कि वर्तमान में त्रियुगीनारायण में दो सफाई कर्मी तैनात हैं, जो बाजार क्षेत्र में सफाई व्यवस्था संभाल रहे हैं। शौचालय विस्तार के लिए उन्होंने जगह की अनुपलब्धता को कारण बताया।
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सवालों के घेरे में प्रशासन
एक ओर त्रियुगीनारायण विश्व पटल पर उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को नई ऊँचाई दे रहा है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी प्रशासनिक संवेदनहीनता पर सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीणों और तीर्थपुरोहितों की मांग है कि सरकार और संबंधित विभाग शीघ्र ठोस कदम उठाएँ, ताकि यह पौराणिक धरोहर अपनी गरिमा के अनुरूप सुविधाओं से सुसज्जित हो सके।

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