
अर्जुन शर्मा हत्याकांड में एक छोटी सी गलती से पकड़ी गई मृतक की मां
देहरादून। राजधानी देहरादून के अर्जुन शर्मा हत्याकांड का पुलिस ने कल खुलासा कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने अर्जुन शर्मा की मां समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पांचों लोगों में एक डॉक्टर अजय खन्ना भी शामिल है। आइए जानते हैं कि कैसे डॉक्टर अजय खन्ना ने अपना मूल पेशा बदलकर रियल एस्टेट की दुनिया में कदम रखा और करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर दिया और धीरे-धीरे अजय खन्ना का नाम विवादित जमीनों के कारोबार से जुड़ने लगा।
डॉ अजय खन्ना इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं और यहां से भी वह अपना दबदबा बनाया करते थे। दरअसल, जीएमएस रोड पर अर्जुन शर्मा और उसकी मां बीना शर्मा की विवादित जमीन थी, जिसे खरीदने के लिए डॉ अजय खन्ना ने मां बीना शर्मा से 14 करोड़ रुपए में डील की थी।
पुलिस के अनुसार डॉ अजय खन्ना 14 करोड़ में से आठ करोड़ रुपए बीना शर्मा को दे भी चुका था, लेकिन अर्जुन शर्मा कोर्ट से स्टे ले आया और जमीन का सौदा नहीं हो पाया। वहीं अजय खन्ना, बीना शर्मा पर अपने पैसे वापस लेने का दबाव बनाने लगा। इस वजह से मां-बेटे के बीच झगड़ा भी हुआ। बीना शर्मा ने अपने बेटे से खुद को असुरक्षित बताते हुए हाईकोर्ट से सुरक्षा हासिल की थी।
पुलिस के अनुसार आखिर में अजय खन्ना, बीना शर्मा और विनोद उनियाल ने ने अर्जुन शर्मा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसके बाद विनोद उनियाल के ड्राइवर पंकज राणा को अर्जुन शर्मा को मारने की सुपारी दी गई। पंकज राणा ने अपने भाई के साथ मिलकर 11 फरवरी की सुबह अर्जुन शर्मा को गोली मारी दी और फरार हो गए।
बता दें कि अर्जुन शर्मा की जीएमएस रोड पर ही गैस एजेंसी भी है। पुलिस के अनुसार जिस समय शूटरों ने अर्जुन को गोली मारी उस समय बीना शर्मा गैस एजेंसी में थीं। घटना की जानकारी मिलते ही वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गईं। एजेंसी में काम करने वाले कर्मचारियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी तो पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस ने बीना शर्मा को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उनकी जांच की, लेकिन जांच में सब कुछ सही पाया है। यानी कि बीना शर्मा की सभी रिपोर्ट नॉर्मल आई। यहीं से पुलिस का माथा ठनका की आखिर बीना शर्मा ने बेहोशी का नाटक क्यों किया? हालांकि जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो सभी बातें खुलकर सामने आ गईं। इसी बीच पुलिस ने 12 फरवरी सुबह को शूटर पंकज राणा और राजीव राणा को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार शूटर पंकज राणा और राजीव राणा दोनों सगे भाई हैं। पंकज राणा, विनोद उनियाल का ड्राइवर है। पुलिस ने बताया कि शूटर राजीव राणा ने साल 1997 में अपने ही सौतेले पिता की हत्या कर दी थी। इस मामले में देहरादून के क्लेमेंटटाउन थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था और कुछ समय वह जेल में बंद रहा, लेकिन 2001 में वह बरी हो गया। उसके पिता मेरठ में नौकरी करते थे, ऐसे में उनका मेरठ आना जाना लगा रहता था। कुछ समय पहले वह मेरठ से तमंचा खरीदकर लाया था और इसी तमंचे से गैस एजेंसी मालिक अर्जुन शर्मा की हत्या की थी।
वहीं एसएसपी अजय सिंह ने बताया है कि दोनों शूटर पंकज राणा और राजीव राणा ने गैस एजेंसी मलिक अर्जुन शर्मा की हत्या करने के बाद बचने का प्रयास किया। हत्या की घटना को अंजाम देने के लिए दोनों बिना नंबर की स्कूटी से आए थे। घटना के बाद कुछ दूरी पर उन्होंने कपड़े बदल दिए और अपना हुलिया बदलते हुए दाढ़ी मूंछ बी कटवा दी, इसके बाद वह फरार होने की फिराक में थे।



