उत्तराखंड

ऊखीमठ बीडीसी बैठक में जनप्रतिनिधियों ने उठाए जनहित के मुद्दे

उन्होंने कहा कि क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान जनता की समस्याओं को सीधे शासन-प्रशासन तक पहुंचाते हैं, इसलिए उनके सुझावों और शिकायतों को पूरी गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

अध्यक्ष ने अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश
रुद्रप्रयाग। विकासखंड ऊखीमठ सभागार में ब्लॉक प्रमुख पंकज शुक्ला की अध्यक्षता में क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल मुख्य रूप से मौजूद रहीं। जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की पेयजल, सड़क, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, आपदा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए संबंधित विभागों से शीघ्र समाधान की मांग की।
बैठक की शुरुआत पिछली कार्यवाही की पुष्टि के साथ हुई। इसके बाद विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास योजनाओं और लंबित कार्यों की विभागवार समीक्षा की गई। पेयजल निगम, जल संस्थान, स्वजल, लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय राजमार्ग, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य, वन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, सिंचाई, लघु सिंचाई, ग्रामीण निर्माण विभाग तथा शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों के कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी लंबित कार्यों में तेजी लाते हुए जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि बीडीसी बैठक जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच समन्वय का सबसे प्रभावी मंच है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान जनता की समस्याओं को सीधे शासन-प्रशासन तक पहुंचाते हैं, इसलिए उनके सुझावों और शिकायतों को पूरी गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन समस्याओं का समाधान तत्काल संभव है, उनका बिना किसी विलंब के निस्तारण किया जाए तथा शेष मामलों में भी तय समयसीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विधायक ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए, ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता और बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।
ब्लॉक प्रमुख पंकज शुक्ला ने कहा कि बीडीसी बैठक केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि विकास कार्यों की समीक्षा और जनसमस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों पर संबंधित विभाग गंभीरता से कार्रवाई करें और प्रत्येक शिकायत की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विकासखंड के समग्र विकास के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है तथा सभी विभाग जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
बैठक में ज्येष्ठ प्रमुख राकेश सिंह नेगी, कनिष्ठ प्रमुख प्रदीप त्रिवेदी, जिला पंचायत सदस्य अमित मेखंडी एवं सुबोध उनियाल, प्रधान संगठन अध्यक्ष त्रिलोक सिंह रावत, उपजिलाधिकारी अनिल रावत, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, खंड विकास अधिकारी अनुष्का, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राकेश प्रकाश नैथानी, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार सती, जल संस्थान एवं जल निगम के अधिकारी, विभिन्न विभागों के कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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