उत्तराखंड

डॉ. श्रीकृष्णानंद डिमरी को मिला प्रतिष्ठित ‘अशोका पुरस्कार’

उनके प्रयासों में समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सकारात्मक सोच, सेवा भावना और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास प्रमुख रहा है।

समाजसेवा और जनहित में उल्लेखनीय योगदान के लिए लगातार दूसरी बार सम्मान
सांसद अनिल बलूनी, मंत्री भरत चौधरी और विधायक आशा नौटियाल समेत हजारों लोगों ने दी बधाई

रुद्रप्रयाग। समाजसेवा, जनहित और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए भरदार पट्टी के स्वीली सेम गांव निवासी डॉ. श्रीकृष्णानंद डिमरी को नई दिल्ली में प्रतिष्ठित आइकॉनिक पीस अवॉर्ड काउंसिल की ओर से ‘अशोका पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान 22 अगस्त 2026 को प्रदान किया गया। प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच पर लगातार दूसरी बार सम्मान मिलने से भरदार सहित पूरे रुद्रप्रयाग जनपद में खुशी और गौरव का माहौल है।
डॉ. डिमरी को यह प्रतिष्ठित सम्मान समाज के प्रति उनकी समर्पित सेवाओं, जनहित में किए गए उल्लेखनीय कार्यों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उनके सराहनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। उनकी कार्यशैली में निरंतरता, निष्ठा, सादगी, कर्मठता और समाज के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया। डॉ. कृष्णानंद डिमरी को इससे पूर्व भी आइकॉनिक पीस अवॉर्ड काउंसिल की ओर से मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया जा चुका है। अब उन्हें इसी प्रतिष्ठित संस्था की ओर से ‘अशोका पुरस्कार’ से अलंकृत किया गया है। इस प्रकार संस्था के मंच पर लगातार दूसरी बार सम्मानित होना उनके सामाजिक कार्यों और जनसेवा के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता की महत्वपूर्ण पहचान माना जा रहा है।
राष्ट्रीय स्तर पर लगातार मिल रहे इन सम्मानों से उनके पैतृक क्षेत्र सेम और भरदार पट्टी के साथ ही रुद्रप्रयाग जनपद का नाम भी गौरवान्वित हुआ है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर समाजहित में निरंतर कार्य करते हुए प्रतिष्ठित मंच पर पहचान बनाना अपने आप में प्रेरणादायी उपलब्धि है। डॉ. डिमरी लंबे समय से समाजहित और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यों में सक्रिय रहे हैं। उनके प्रयासों में समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सकारात्मक सोच, सेवा भावना और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास प्रमुख रहा है। उनके कार्यों को प्रतिष्ठित सम्मान मिलना समाज के प्रति उनकी निरंतर सक्रियता और समर्पण की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने कहा कि किसी व्यक्ति को सम्मान मिलना केवल उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती, बल्कि उससे उसके क्षेत्र और समाज का गौरव भी बढ़ता है। डॉ. डिमरी को मिला यह सम्मान भी इसी दृष्टि से पूरे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। डॉ. श्रीकृष्णानंद डिमरी को ‘अशोका पुरस्कार’ मिलने पर गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी और केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल सहित जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
बधाई देने वालों ने कहा कि डॉ. डिमरी ने अपने कार्यों के माध्यम से समाज में सेवा, सहयोग और सकारात्मक सोच की भावना को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। राष्ट्रीय स्तर पर उनके योगदान को मिली यह पहचान उनके निरंतर प्रयासों की सफलता है। क्षेत्रवासियों ने कहा कि डॉ. डिमरी की यह उपलब्धि युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उनका सरल व्यवहार, समाज के प्रति निष्ठा, निरंतर सक्रियता और जनहित के कार्यों के प्रति समर्पण यह संदेश देता है कि ईमानदारी और सेवाभाव के साथ किए गए प्रयासों को एक दिन व्यापक पहचान अवश्य मिलती है। शुभचिंतकों ने कहा कि प्रतिष्ठित सम्मान मिलने से डॉ. डिमरी की जिम्मेदारी और बढ़ी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह भविष्य में भी इसी समर्पण और निष्ठा के साथ समाज एवं राष्ट्रहित में अपना योगदान जारी रखेंगे।
लगातार दूसरी बार प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त करने पर डॉ. कृष्णा नंद डिमरी के गांव सेम समेत भरदार पट्टी और पूरे रुद्रप्रयाग क्षेत्र में खुशी का माहौल है। बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें दूरभाष और व्यक्तिगत रूप से बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। क्षेत्रवासियों ने ईश्वर से डॉ. डिमरी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर प्रगति की कामना की। लोगों का कहना है कि ‘अशोका पुरस्कार’ केवल डॉ. डिमरी का सम्मान नहीं, बल्कि भरदार और रुद्रप्रयाग की सामाजिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मिली एक गौरवपूर्ण पहचान भी है।

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