उत्तराखंड
जन संवाद में फूटा जनाक्रोश, 21 शिकायतें दर्ज
लदोली की प्रधान अनीता देवी ने एक महीने से रसोई गैस सप्लाई ठप होने और अधूरे पड़े आंगनबाड़ी निर्माण को लेकर नाराजगी जताई।

सिर्फ 8 पर मौके पर लीपापोती
रुद्रप्रयाग। जिला कार्यालय सभागार में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम इस बार आम जनता के गुस्से का मंच बन गया। अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में कुल 21 शिकायतें दर्ज हुईं, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि सिर्फ 8 मामलों का ही मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि बाकी शिकायतों को एक बार फिर फाइलों के हवाले कर दिया गया।
ग्राम पंचायत सिल्ला बामणगांव की प्रधान लता चंद ने धंसी हुई वियनगर-तिमली-तैला सड़क, टूटी नालियों और बदहाल पेयजल व्यवस्था को लेकर प्रशासन को घेरा। उन्होंने साफ कहा कि जल जीवन मिशन सिर्फ कागजों में चल रहा है, जमीन पर हालात बदतर हैं।
लदोली की प्रधान अनीता देवी ने एक महीने से रसोई गैस सप्लाई ठप होने और अधूरे पड़े आंगनबाड़ी निर्माण को लेकर नाराजगी जताई। वहीं जखोली बड़मा के उम्मेद सिंह ने एक आंख से दिव्यांग होने के बावजूद पेंशन न मिलने पर सवाल खड़े किए। फलाटी गांव के सूरत लाल ने चौंकाने वाला आरोप लगाया कि बीपीएल होने के बावजूद उनका राशन कार्ड बंद कर दिया गया, जिससे उनका परिवार भूख के संकट से जूझ रहा है। बावई के बृज लाल को अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला, जबकि पाटियूं बसुकेदार की दीपा देवी आपदा में तबाह हुई जमीन और गौशाला का मुआवजा पाने के लिए भटक रही हैं।
जनता के तीखे सवालों के बीच अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई तय है। चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब सीएम पोर्टल की समीक्षा में सामने आया कि एल-1 स्तर पर 132 और एल-2 स्तर पर 21 शिकायतें अभी भी लंबित हैं, जो प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करती हैं। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी भले ही आश्वासन देते नजर आए, लेकिन जनता के मन में एक ही सवाल गूंजता रहा, क्या शिकायतें सिर्फ दर्ज करने के लिए हैं या सच में समाधान भी होगा? इस मौके पर जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार, उप जिलाधिकारी जखोली भगत सिंह फोनिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा, जिला पूर्ति अधिकारी केएस कोहली, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष रावत, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग इंद्रजीत बोस, जल निगम नवल कुमार, सिंचाई खुशवंत सिंह चौहान, ग्रामीण निर्माण विभाग मीनल गुलाटी, प्रभारी शिकायत निवारण केंद्र विनोद कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं शिकायतकर्ता उपस्थित रहे।



