उत्तराखंड

बारिश से गौरीकुंड-सोनप्रयाग मार्ग पर तीन स्थानों पर लैंडस्लाइड

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और समन्वित प्रयासों से हजारों श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।

10 हजार से ज्यादा श्रद्धालु सुरक्षित निकाले

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर लगातार खराब हो रहे मौसम ने एक बार फिर यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बीती रात हुई तेज बारिश के कारण सोनप्रयाग-गौरीकुंड मोटर मार्ग पर तीन स्थानों पर भारी भूस्खलन हो गया, जिससे यात्रा मार्ग अचानक बाधित हो गया। पहाड़ियों से लगातार मलबा और पत्थर गिरने के कारण क्षेत्र में खतरे की स्थिति बनी रही।
सोनप्रयाग-गौरीकुंड मुख्य मार्ग पर मुनकटिया स्थान के पास भारी बारिश के कारण अचानक स्लाइडिंग होने से सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गया, जिससे बड़ी संख्या में यात्री मार्ग के दोनों ओर फंस गए। घटना की सूचना डीसीआर रुद्रप्रयाग द्वारा सीडीआरएफ को दी गई, जिसके बाद सीडीआरएफ टीम उपनिरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में सोनप्रयाग से तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने एहतियातन यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया और सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने पूरी रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हालात की लगातार निगरानी की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता रहे और मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु किया जाए।
कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद प्रशासनिक टीमों ने महज 30 मिनट के भीतर पैदल यात्रियों के लिए मार्ग खोल दिया। पूरी रात राहत, निगरानी और सुरक्षा अभियान लगातार जारी रहा। जेसीबी मशीनों की सहायता से मलबा हटाकर यात्रा मार्ग को पुनः सुचारु कर दिया गया है। मौके पर पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियों की टीमें लगातार तैनात रहीं और यात्रियों को सुरक्षित निकालने का कार्य करती रहीं। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और समन्वित प्रयासों से हजारों श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
उपनिरीक्षक एसडीआरएफ आशीष डिमरी ने कहा कि एसडीआरएफ टीम ने सड़क के दूसरी ओर फंसे लगभग 10,450 यात्रियों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार कराकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। इसके बाद जेसीबी मशीन की सहायता से मार्ग पर जमा मलबा हटाकर सड़क को पुनः वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु किया गया। रेस्क्यू अभियान सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद एसडीआरएफ टीम रात 12ः45 बजे सकुशल कैंप वापस पहुंची। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button