उत्तराखंड
चमोली में भारी से कल्पेश्वर महादेव परिसर में घुसा मलबा
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि तहसील प्रशासन की टीम को मौके पर भेजा जा रहा है।

पौड़ी-देवप्रयाग मार्ग लगातार हो रहा बाधित
चमोली। विगत चार पांच दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जहां एक और नदी नाले उफान पर बह रहे हैं। वहीं कई मोटर मार्ग मलबा आने के चलते बाधित हो गए हैं। चमोली जनपद में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते कल्पेश्वर मंदिर के ऊपर देर रात भारी भूस्खलन हो गया है। जिससे मंदिर परिसर के अंदर मलबा घुस गया।
जनपद चमोली में बारिश के चलते आपदाओं का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। जोतिर्मठ ब्लॉक के पंच केदारों में शामिल कल्पेश्वर मंदिर के ऊपर देर रात भारी भूस्खलन होने से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है। कल्पेश्वर मंदिर के सचिव लक्ष्मण नेगी ने बताया कि देर रात से लगातार हो रही बारिश के कारण मंदिर के ऊपर पहाड़ी से कई टन मलबा गिर गया। घटना में मंदिर परिसर को काफी क्षति पहुंचने की जानकारी है। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है। राहत की बात यह है कि भूस्खलन की इस घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
घटना की जानकारी तहसील प्रशासन जोशीमठ को दे दी गई है। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि तहसील प्रशासन की टीम को मौके पर भेजा जा रहा है। टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया जाएगा और स्थिति के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी और विकासखंड गैरसैंण के अंतर्गत कुनीगाड़ क्षेत्र के कल्याणा मल्ला गांव में देर रात हुई मूसलाधार वर्षा के चलते एक गौशाला ध्वस्त हो गई। गनीमत रही की भारी बारिश से आशंकित गौशाला मालिक रतन सिंह ने अपने मवेशियों को अन्यत्र बांध दिया था, जिससे मवेशियों की जान बच गयी।
हरिद्वार में खतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा
293.10 मीटर को किया पार, निचले इलाकों में अलर्ट जारी
हरिद्वार। मैदान से लेकर पहाड़ तक देर रात से तेज बारिश होने का सिलसिला लगातार जारी है। लगातार हो रही तेज बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। बारिश के कारण हरिद्वार में गंगा नदी का जल स्तर भी बढ़ गया और गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। भीमगोड़ा बैराज पर जल स्तर बढ़कर चेतावनी स्तर को पार कर गया। अधिकारियों के मुताबिक गंगा नदी 293.10 मीटर पर बह रही है। जबकि 294 मीटर को खतरे का निशान माना गया है। वहीं प्रशासन भी बारिश को लेकर अलर्ट हैं। जहां सुबह से ही शहर में जल निकासी कराई जा रही है, वहीं यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारी गंगा के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। निचले इलाकों में अलर्ट जारी है। सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया गया है।
दूसरी ओर लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से छोड़े जा रहे अतिरिक्त पानी के कारण भीमगोड़ा बैराज पर गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे गंगा का जलस्तर 293.10 मीटर रिकॉर्ड किया गया। फिलहाल गंगा चेतावनी निशान 293 मीटर को पार कर गई है। गंगा का खतरे का निशान 294 मीटर माना जाता है। गंगा फिलहाल खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है।



