उत्तराखंड

आवारा कुत्तों का आतंक, एक ही दिन में 16 लोगों को काटा

तभी अचानक मोहल्ले में हर दिन घूमने वाले एक कुत्ता आंगन में घुसा। उसने मासूम की छाती और उंगली पर काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया।

उत्तकाशी में घर में घुसकर कर अटैक कर रहे आवारा कुत्ते

उत्तरकाशी। जिला मुख्यालय में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। नगर क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में एक ही दिन में कुत्तों ने 16 लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। सबसे गंभीर मामला तांबाखानी क्षेत्र से सामने आया, जहां एक चार वर्षीय मासूम पर घर के आंगन में घुसकर कुत्ते ने हमला कर दिया। बच्चे की छाती और उंगली पर गहरे घाव आए हैं, जिसका अस्पताल में उपचार चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले दो महीने से कुत्तो के आतंक के कारण लोग परेशान हैं। लेकिन नगरपालिका और पशुपालन विभाग की ओर से अभी तक इसको रोकने के लिए उचित कदम नहीं उठाए गए हैं।
जिला अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, पिछले दो महीनों से रोजाना 8 से 10 लोग डॉग बाइट के मामलों में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, इसके साथ ही दस अन्य पीड़ित लोग भी उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे। तांबाखानी निवासी गौरव ने बताया कि, उनका चार वर्षीय बेटा दिव्यांश घर के आंगन में खेल रहा था। तभी अचानक मोहल्ले में हर दिन घूमने वाले एक कुत्ता आंगन में घुसा। उसने मासूम की छाती और उंगली पर काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उसके बाद परिजनों ने किसी प्रकार मासूम को कुत्ते से छुड़ाकर आनन-फानन में अस्पताल ले आए। वहां पर उसका उपचार चल रहा है।
दूसरी ओर स्थानीय निवासी हरीश कुमार ने बताया कि, वह केदारघाट के समीप खड़े थे। तभी अचानक एक कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने डंडे की मदद से किसी प्रकार कुत्ते को हटाया। लेकिन तब तक वह उन्हें जख्मी कर चुका था। इसके साथ ही जनपद में चौदह अन्य लोगों को भी लावारिस कुत्तों ने अलग-अलग स्थानों पर हमला कर घायल कर दिया। जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले दो माह से हर दिन करीब आठ से दस लोग कुत्ते के काटने के कारण उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। कुत्तों के बढ़ते आक्रमण से लोगों में भारी रोष है। उनका कहना है कि नगरपालिका और पशुपालन विभाग की ओर से इसको रोकने के लिए किसी प्रकार के कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
प्रभारी ईओ नगर पालिका कुसुम राणा ने कहा कि कुत्तों को पकड़ने के उपकरण आ गए हैं। अभी एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) सेंटर निर्माण के लिए भूमि चयनित की जा रही है। तब तक पशुपालन विभाग के साथ मिलकर कुत्तों को पकड़ने का कार्य किया जाएगा।

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