उत्तराखंड

धराली में खीरगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से मंडराने लगा बाढ़ का खतरा

अब मानसून आने के बाद बजट ठिकाने लगाने की तैयारी है। उन्होंने खीरगंगा नदी में हुए चौनलाइजेशन पर भी सवाल खड़े किए।

उत्तरकाशी। हर्षिल के बाद आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र में खीर गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से फिर बाढ़ आने  का खतरा मंडराने लगा है।। रविवार को सिंचाई विभाग के कुछ कर्मी यहां अस्थायी सुरक्षा इंतजाम के मकसद से नदी के ऊपरी तटवर्ती क्षेत्र में वायरक्रेट स्थापित करवाने पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें लौटा दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि यहां समय रहते सही ढंग से सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। अब मानसून आने के बाद बजट ठिकाने लगाने की तैयारी है। उन्होंने खीरगंगा नदी में हुए चौनलाइजेशन पर भी सवाल खड़े किए।
शनिवार को धराली क्षेत्र में खीर गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ गया था, जिसके बाद हर्षिल थाना पुलिस ने नदी के तटवर्ती क्षेत्र के कुछ आवासीय भवनों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने तथा सतर्कता बरतने की अपील की थी। रविवार शाम को हल्की वर्षा के बाद यहां नदी का जलस्तर बढ़ गया।
उधर, स्यानाचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग भूस्खलन के कारण रविवार को चौथे दिन भी बंद रहा। लगातार हो रही वर्षा के बीच मार्ग खोलने का कार्य जारी है। इसी दौरान निर्माण कार्य के बीच राजस्थान के तीर्थयात्री धर्मबीर घायल हो गए। उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट पहुंचाया गया। उधर लगातार वर्षा के कारण करड़ा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय की सुरक्षा दीवार ढह गई, जिससे विद्यालय भवन और वहां अध्ययनरत छात्रों की सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा। बताया जा रहा है कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान विद्यालय भवन के नीचे किए गए निर्माण कार्य से सुरक्षा दीवार से सटी भूमि कमजोर हो गई थी।

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