
ऋषिकेश, हरिद्वार व हल्द्वानी में लगा 10 किलोमीटर से अधिक लम्बा जाम
देहरादून। उत्तराखंड के कई इलाके आज जाम से कराह उठे। जाम भी कोई ऐसा वैसा नहीं बल्कि 10-10 किलोमीटर लंबा। हालात ऐसे हो गए कि कुछ सौ मीटर आगे बढ़ने में गाड़ियों को घंटों लग गए। हरिद्वार से देहरादून और ऋषिकेश के साथ पहाड़ जाने वाले लोग भयानक जाम में फंस गए। उधर आज ही कैंची धाम स्थापना दिवस के मौके पर हल्द्वानी-रानीखेत नेशनल हाईवे भी जाम रहा।
सोमवार को हर तरफ जाम ही जाम दिखाई दिया। हरिद्वार से लेकर ऋषिकेश, कोटद्वार से लेकर कैंची धाम तक कई किलोमीटर लंबा जाम लगा। घंटे तक लगे जाम में लोग फंसे रहे। दरअसल आज सोमवार को खरमास समाप्त हुआ और इस मौके पर लोग हरिद्वार में गंगा स्नान के लिए टूट पड़े। ऐसे में मैदानी इलाकों से हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून को आने वाली सड़कें वाहनों से पट गईं। हालात ऐसे रहे कि एक किलोमीटर का सफर करने के लिए भी कम से कम चार घंटे लगे। अकेले हरिद्वार में गंगा स्नान करने वालों की संख्या तीन दिन में ही एक करोड़ पार कर गई।
हरिद्वार में लक्सर हरिद्वार मार्ग, दिल्ली देहरादून मार्ग, शंकराचार्य चौक शांतिकुंज, नजीबाबाद-मुरादाबाद मार्ग, नेपाली फार्म, ऋषिकेश मार्ग, देहरादून मार्ग, देहरादून-मसूरी मार्ग, देहरादून मोहकमपुर मार्ग, ऋषिकेश-शिवपुरी मार्ग पर भीषण जाम लगा।
दूसरी तरफ नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम का आज स्थापना दिवस था। एक लाख से ऊपर श्रद्धालु बाबा नीम करोली के दर्शन करने के लिए कैंची धाम पहुंच गए। कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। हालांकि पुलिस प्रशासन ने पूरी व्यवस्था की हुई थी, लेकिन यहां की संकरी सड़कों के सामने सारी व्यवस्थाएं चरमरा जाती हैं। यहां हल्द्वानी कैंची धाम मार्ग, रामनगर-अल्मोड़ा मार्ग और नैनीताल-भवाली मार्ग पर लंबा जाम लगा। लेकिन राहत की बात ये रही कि एक लाख से ऊपर की भीड़ के बावजूद कैंची मेले के स्थापना दिवस कार्यक्रम में अव्यवस्था नहीं हुई।



