उत्तराखंड

साढ़े नौ साल का हिसाब दे सरकार, जनता पूछ रही विकास का रिपोर्ट कार्डः प्रदीप थपलियाल

गांव की सड़क, अस्पताल की व्यवस्था, विद्यालयों की स्थिति और युवाओं के भविष्य को विकास का आधार बनाकर जनता स्वयं मूल्यांकन करेगी।

सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर पूर्व प्रमुख ने सरकार को घेरा
बोले- घोषणाएं नहीं, धरातल पर काम चाहिए
रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। पूर्व प्रमुख एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी प्रदीप थपलियाल ने प्रदेश सरकार और क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी से करीब साढ़े नौ वर्षों के कार्यकाल का विकास रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखने की मांग की है। उन्होंने सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के मुद्दों को उठाते हुए कहा कि जनता अब घोषणाओं और दावों के बजाय धरातल पर हुए काम का हिसाब जानना चाहती है।
थपलियाल ने कहा कि राष्ट्रध्वज तिरंगा देश की आन, बान और शान है और उसके सम्मान तथा देश के प्रति जिम्मेदारी पर कोई सवाल नहीं है। लेकिन रुद्रप्रयाग विधानसभा की जनता अपने क्षेत्र के विकास को लेकर गंभीर सवाल पूछ रही है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सत्ता और जिम्मेदारी में रहने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों, स्वास्थ्य सुविधाओं, विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता और युवाओं के रोजगार से जुड़े सवाल बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि जनता जानना चाहती है कि करीब साढ़े नौ वर्षों में रुद्रप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में कितना विकास हुआ। कितनी सड़कों का वास्तविक सुधारीकरण हुआ, कितने अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाई गईं, कितने विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पद भरे गए और कितने युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए, इसका स्पष्ट आंकड़ा जनता के सामने रखा जाना चाहिए।
थपलियाल ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र में सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जीवन की बुनियादी जरूरत है। गांवों की सड़कें सुरक्षित और सुगम हों, अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध हों और विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक हों, तभी विकास का वास्तविक लाभ आमजन तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि रोजगार के अभाव में युवाओं का पलायन रोकने के लिए क्षेत्र में ऐसी परियोजनाओं और योजनाओं की जरूरत है, जिनसे स्थानीय स्तर पर स्थायी रोजगार के अवसर पैदा हों।
पूर्व प्रमुख ने कहा कि जनता अब केवल घोषणाओं और भाषणों से संतुष्ट नहीं होने वाली है। विकास का वास्तविक पैमाना गांव की सड़क, अस्पताल की व्यवस्था, विद्यालयों की स्थिति और युवाओं को उपलब्ध रोजगार के अवसर हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में रुद्रप्रयाग में कितनी बड़ी विकास परियोजनाएं और रोजगारपरक योजनाएं आईं, जिनका दीर्घकालिक लाभ स्थानीय लोगों को मिल सके।
उन्होंने कहा कि अब प्रत्येक घोषणा और वादे का हिसाब जनता के सामने होना चाहिए। जनता जानना चाहती है कि कितनी सड़कें वास्तव में सुधरीं, कितने अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार हुआ, कितने स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर हुई और कितने युवाओं को रोजगार मिला। साथ ही क्षेत्र में ऐसी कितनी नई विकास परियोजनाएं आईं, जिनसे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली।
थपलियाल ने कहा कि अब जनता सिर्फ दावे नहीं, काम देखेगी। गांव की सड़क, अस्पताल की व्यवस्था, विद्यालयों की स्थिति और युवाओं के भविष्य को विकास का आधार बनाकर जनता स्वयं मूल्यांकन करेगी। उन्होंने सरकार और क्षेत्रीय नेतृत्व से आगामी समय में जनता के सामने कार्यों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड रखने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यह सवाल किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि रुद्रप्रयाग की आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा है। जनता अपने क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं, रोजगार और विकास को लेकर जवाब चाहती है। अब बात केवल नारों और घोषणाओं की नहीं, बल्कि धरातल पर हुए काम और उसके परिणामों की होगी।

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