उत्तराखंड

भाजपा नेता और भाई की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विशाल प्रदर्शन

पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर सड़क से हटाया और हाईवे को जाम मुक्त कराया। इसके बाद प्रदर्शनकारी वापस नगर निगम परिसर पहुंचे और धरने पर बैठ गए।

रुद्रपुर। रुद्रपुर में भाजपा नेता और उसके भाई की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वाल्मीकि समाज का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सोमवार को बड़ी संख्या में समाज के लोग नगर निगम परिसर में एकत्र हुए और सफाई कार्य का बहिष्कार कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते प्रदर्शनकारियों ने रामपुर-हल्द्वानी हाईवे पर जाम लगा दिया।
वाल्मीकि समाज ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय तक गिरफ्तारी नहीं हुई तो कोतवाली का घेराव किया जाएगा और आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। रुद्रपुर में भाजपा मंडल महामंत्री पारस चुघ और उनके भाई सन्नी चुघ की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वाल्मीकि समाज का विरोध प्रदर्शन सोमवार को उग्र हो गया। बड़ी संख्या में समाज के लोग नगर निगम परिसर में एकत्र हुए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में महिलाओं की भी बड़ी संख्या मौजूद रहीं। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए सफाई कार्य का बहिष्कार भी किया। दरअसल, 9 अगस्त रविवार को स्कूटी को टक्कर लगने को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद में मारपीट का आरोप भाजपा मंडल महामंत्री पारस चुघ और उनके भाई सन्नी चुघ पर लगाया गया है। आरोप है कि विवाद के दौरान डंडों और लोहे की रॉड से हमला किया गया, जिसमें तीन लोग घायल हुए। घायलों का उपचार चल रहा है। घटना के बाद पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई, जिसके आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप यह भी है कि मारपीट के दौरान जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। मामले में गिरफ्तारी नहीं होने से वाल्मीकि समाज में लगातार आक्रोश बढ़ रहा था। इसी को लेकर सोमवार को समाज के लोगों ने काम का बहिष्कार करते हुए नगर निगम पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी रामपुर-हल्द्वानी हाईवे पर पहुंच गए और कुछ समय के लिए सड़क पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ। ट्रांजिट कैंप कोतवाली, पंतनगर थाना और दिनेशपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर सड़क से हटाया और हाईवे को जाम मुक्त कराया। इसके बाद प्रदर्शनकारी वापस नगर निगम परिसर पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
मौके पर प्रभारी सीओ अखिलेश कुमार सिंह भी पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों और वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता चल रही है, लेकिन फिलहाल कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। अभी तक पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कोतवाली पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया था। जबकि वर्तमान विधायक शिव सिंह अरोड़ा ने कहा था कि,
प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार चल रही है और किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अपराधी कोई भी हो, कानून अपना काम करेगा और सरकार किसी को संरक्षण नहीं देगी।

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