उत्तराखंड

केदारनाथ धाम में 66 वर्षीय तीर्थयात्री की अचानक बिगड़ी हालत, मचा हड़कंप

उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान सभी रेस्क्यू एवं चिकित्सा टीमें पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चौबीसों घंटे तैयार रखी गई हैं।

रेस्क्यू टीम की फुर्ती से बची जान, हेलीकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश एयरलिफ्ट
रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम में रविवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब दर्शन के लिए पहुंचे बिहार निवासी 66 वर्षीय तीर्थयात्री की अचानक तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। सीने में तेज तकलीफ और स्वास्थ्य तेजी से बिगड़ने की सूचना मिलते ही धाम में तैनात रेस्क्यू एवं चिकित्सा दल तत्काल हरकत में आ गया। कुछ ही मिनटों में राहत एवं बचाव अभियान शुरू करते हुए टीम ने तीर्थयात्री को प्राथमिक उपचार दिया और स्ट्रेचर के माध्यम से विवेकानंद हॉस्पिटल, केदारनाथ पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उनका तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार शुरू किया।
अस्पताल में मौजूद विशेषज्ञ चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद तीर्थयात्री की हालत गंभीर पाई। उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता को देखते हुए डॉक्टरों ने बिना देर किए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन और हेलीकॉप्टर सेवा के बीच तेजी से समन्वय स्थापित किया गया। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए कुछ ही समय में हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई और मरीज को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश के लिए एयरलिफ्ट कर दिया गया, जहां उनका विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार जारी है।
बीमार पड़े तीर्थयात्री की पहचान राम प्रकाश यादव (66 वर्ष), निवासी बिहार के रूप में हुई है। समय पर मिली चिकित्सकीय सहायता, रेस्क्यू टीम की त्वरित कार्रवाई और हेलीकॉप्टर सेवा की उपलब्धता के कारण मरीज को शीघ्र उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिल सकी। अधिकारियों का कहना है कि गंभीर परिस्थितियों में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है और ऐसे मामलों में त्वरित निर्णय ही जीवन बचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है।
चारधाम यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं। समुद्र तल से लगभग 11,700 फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ में ऑक्सीजन का स्तर सामान्य क्षेत्रों की तुलना में कम रहता है। ऐसे में हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, श्वास संबंधी बीमारी अथवा अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित यात्रियों के लिए विशेष सावधानी बरतना आवश्यक माना जाता है। स्वास्थ्य विभाग लगातार यात्रियों को मेडिकल जांच कराकर ही यात्रा करने तथा यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह देता रहा है।
केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने धाम एवं यात्रा मार्ग पर चिकित्सकों की विशेष टीमें, मेडिकल रिलीफ पोस्ट, एंबुलेंस, आपदा प्रबंधन दल तथा हेलीकॉप्टर सेवाएं चौबीसों घंटे सक्रिय रखी गई हैं। किसी भी आपात स्थिति में रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करती है, जिससे गंभीर मरीजों को समय रहते बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि केदारनाथ धाम में तीर्थयात्री की तबीयत अचानक बिगड़ने की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम को तत्काल मौके पर भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को विवेकानंद हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर किया। इसके बाद हेलीकॉप्टर के माध्यम से मरीज को सुरक्षित एम्स ऋषिकेश भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान सभी रेस्क्यू एवं चिकित्सा टीमें पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चौबीसों घंटे तैयार रखी गई हैं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं। यदि यात्रा के दौरान सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, अत्यधिक थकान, चक्कर आने या अन्य किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या महसूस हो तो उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत निकटतम मेडिकल पोस्ट अथवा रेस्क्यू टीम से संपर्क करें। समय पर उपचार और त्वरित चिकित्सकीय सहायता गंभीर परिस्थितियों में जीवन रक्षक साबित हो सकती है।

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