उत्तराखंड

जागतोली दशज्यूला महोत्सव इस बार पांच दिवसीय, 19 से 23 सितंबर तक होंगे विविध आयोजन

आयोजन को भव्य बनाने के लिए विभिन्न संस्थानों से सहयोग लिया जाएगा और स्थानीय के साथ बाहरी व्यापारियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।

रुद्रप्रयाग। जागतोली दशज्यूला महोत्सव मेला इस वर्ष पहले की तुलना में अधिक भव्य स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। रविवार को जागतोली स्थित मेला स्थल पर आयोजित मेला समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि इस बार महोत्सव 19 से 23 सितंबर तक लगातार पांच दिनों तक आयोजित होगा। इससे पहले यह मेला तीन दिवसीय होता था।
बैठक की अध्यक्षता समिति के संरक्षक लखपत सिंह भंडारी ने की। बैठक में समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों, जनप्रतिनिधियों, मातृशक्ति, युवाओं और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने भाग लिया। इस दौरान महोत्सव की तैयारियों और आयोजन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा कर कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
समिति के महासचिव कालिका काण्डपाल ने बताया कि महोत्सव का शुभारंभ 19 सितंबर को जागतोली स्थित ठैंकुणा मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ होगा। क्षेत्र के विभिन्न गांवों से महिलाएं हरियाली की टोकरी लेकर पहुंचेंगी। समापन दिवस पर मां के प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 20 सितंबर को बाल संस्कृति दिवस, 21 सितंबर को महिला संस्कृति दिवस, 22 सितंबर को स्थानीय कलाकारों और लोक संस्कृति को समर्पित कार्यक्रम आयोजित होंगे, जबकि 23 सितंबर को उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां, पुरस्कार वितरण और लकी ड्रॉ के साथ महोत्सव का समापन होगा।
महोत्सव के दौरान मां नंदा का जागरण, सांस्कृतिक संध्या, कवि सम्मेलन, संस्कृत विभाग की प्रस्तुतियां तथा क्षेत्रीय एवं प्रदेश के प्रसिद्ध लोक कलाकारों के कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। आयोजन को भव्य बनाने के लिए विभिन्न संस्थानों से सहयोग लिया जाएगा और स्थानीय के साथ बाहरी व्यापारियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
समिति ने निर्णय लिया कि महोत्सव में मुख्यमंत्री, सांसद, मंत्री, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान तथा अन्य जनप्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया जाएगा।
बैठक में कुछ पदाधिकारियों ने व्हाट्सएप समूह के माध्यम से दिए गए त्यागपत्रों पर भी चर्चा हुई। समिति ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2024 में गठित कार्यकारिणी का कार्यकाल पांच वर्ष का है और बायलॉज के अनुसार वह यथावत रहेगा। संबंधित पदाधिकारियों से त्यागपत्रों पर पुनर्विचार का अनुरोध किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर महोत्सव के बाद नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
समिति अध्यक्ष जयवर्धन काण्डपाल ने कहा कि जागतोली दशज्यूला महोत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को महोत्सव का निमंत्रण भेजा जा चुका है और उन्होंने इसमें शामिल होने की सहमति भी दी है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री की उपस्थिति से महोत्सव की गरिमा और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई पहचान मिलेगी।
संरक्षक लखपत सिंह भंडारी ने कहा कि दशज्यूला महोत्सव केवल मेला नहीं, बल्कि क्षेत्र की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है। इसे सफल बनाने के लिए सभी लोगों को मिलकर कार्य करना होगा।
बैठक का संचालन राजेंद्र प्रसाद काण्डपाल और वीरेंद्र सिंह बर्तवाल ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारी, सदस्य, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में मेला प्रेमी उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button