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51 क्विंटल फूलों से संवर रहा केदारनाथ धाम, 22 अप्रैल को खुलेंगे कपाट

जिसके तहत यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट 6 महीने के लिए खोल दिए गए। अब केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने बाकी हैं।

रुद्रप्रयाग। देश के 12 ज्योतिर्लिंगों और चारधाम में से एक केदारनाथ धाम के कपाट खुलने में अब मात्र दो दिन शेष रह गए हैं। जैसे-जैसे तिथि नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे केदारनगरी में श्रद्धालुओं की आवाजाही और प्रशासनिक गतिविधियां तेज होती जा रही हैं। इसी कड़ी में केदारनाथ मंदिर को करीब 51 क्विंटल फूलों से सजाया जा रहा है। जिससे छटा देखते ही बन रही है।
हिमालय के गोद में बसे केदारनाथ धाम परिसर से लेकर आसपास के क्षेत्रों में उत्साह, आस्था और तैयारियों का माहौल साफ नजर आ रहा है। मंदिर को भव्य और आकर्षक स्वरूप देने के लिए मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। करीब 51 क्विंटल ताजे गेंदे के फूलों से मंदिर परिसर को सजाया जा रहा है, जिससे पूरी केदारपुरी भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठी है।
बता दें कि बाबा केदार की पवित्र डोली आज यानी 20 अप्रैल को द्वितीय रात्रि प्रवास के लिए गौरीकुंड पहुंचेगी। इसके बाद मंगलवार यानी 21 अप्रैल को डोली केदारनाथ धाम पहुंचेगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बुधवार यानी 22 अप्रैल की सुबह 8 बजे विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।
सदस्य बीकेटीसी विनीत पोस्ती ने कहा कि बाबा केदार के कपाट उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मंदिर को भव्य सजावट के साथ सजाया जा रहा है। ताकि, देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को दिव्य और भव्य दर्शन का अनुभव मिल सके। केदारनाथ धाम में लगातार चहल-पहल बढ़ती जा रही है। जो दर्शाती है कि आगामी चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह बना हुआ है और बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना है।
बता दें कि अक्षय तृतीया यानी 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा 2026 का आगाज हो चुका है। जिसके तहत यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट 6 महीने के लिए खोल दिए गए। अब केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने बाकी हैं। जबकि, बाबा के केदार के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर से बाबा की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली हिमालय यानी केदार के लिए रवाना हो चुकी है।

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